Tantya Bheel - Yaad Karo Kurbani
RADIO AZAD HIND 90.8 FM

Tantya Bheel - Yaad Karo Kurbani

Dec 4, 2022
38:12
S4 · E98
-(0)

About this episode

टंट्या भील 1878 और 1889 के बीच भारत में सक्रिय एक जननायक थे। वे भारतीय "रॉबिन हुड" के रूप में ख्यात हैं। टंट्या भील समुदाय के सदस्य थे उनका वास्तविक नाम टंड्रा था , उनसे सरकारी अफसर या धनिक लोग ही भयभीत थे , आम जनता उन्हें ' टंटिया मामा ' कहकर उनका आदर करती थी । टंट्या भील का जन्म सेंट्रल प्राविंस प्रांत के पूर्व निमाड़ खंडवा जिले की पंधाना तहसील के ग्राम बड़दा में 1842 में हुआ था। एक नए शोध के अनुसार उन्होंने 1857 में हुए पहले स्‍वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों द्वारा किये गए दमन के बाद अपने जीवन के तरीके को अपनाया । टंट्या को पहली बार 1874 के आसपास "खराब आजीविका" के लिए गिरफ्तार किया गया थाफ एक साल की सजा काटने के बाद उनके जुर्म को चोरी और अपहरण के गंभीर अपराधों में बदल दिया गया। सन 1878 में दूसरी बार उन्‍हें हाजी नसरुल्ला खान यूसुफजई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। मात्र तीन दिनों बाद वे खंडवा जेल से भाग गए और एक विद्रोही के रूप में शेष जीवन जिया। इंदौर की सेना के एक अधिकारी ने टंट्या को क्षमा करने का वादा किया था, लेकिन घात लगाकर उन्‍हें जबलपुर ले जाया गया, जहाँ उन पर मुकदमा चलाया गया और 4 दिसंबर 1889 को उसे फांसी दे दी गई।

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Radio Azad
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audio/x-m4a

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